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Blog Me Interlinking Karana Kyo Jaruri Hai

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दोस्तो हम सब जानते है कि Blogging में Linking का कितना महत्व है पर ज्यादातर यह गलतफहमी में रहते है कि सिर्फ External Linking ही महत्वपूर्ण है पर यह गलत है, जितना External Linking जरूरी है उतना ही Interlinking जरूरी है।

Blog Me Interlinking Karana Kyo Jaruri Hai

जब आपकी Website पे कोई Visitor आता है तो वह अगर अपने Internal Linking नही किया होगा तो ज्यादा post नही दिखेंगा पर अगर Linking किया होगा तो वो आसानी से ज्यादा Posts देख पायेगा, यानिकी visitor को वह Post के related Post को visit करना linking के कारण आसान हो जायेगा जिसकी वजह से आपके Page View में बढ़ोतरी होंगी।

Internal Linking SEO और User Experience बढ़ाने में कैसे मदद करता है

1. Interlinking visitor को लम्बे समय तक आपकी Website पर रखता है

जब visitor आपकी एक Post पढ़ता है तब उसको आपके किये गए internal linking की वजह से उसके related दूसरे posts का भी links मिलता है उसकी वजह से वो visitor curiosity की वजह से आगेके posts भी पढ़ेगा, तो उसी वजह से वह visitor आपकी Website पर लंबे समय तक रूकेगा और क्योंकि उसको आपकी Website पर अच्छी माहिती मिलती है उसकी वजह से वो फिर से भी visit करेंगा।

2. आपकी पुरानी Post के View में बढ़ोतरी होंगी

जब आप अपने पुराने posts को नई posts में interlink करते है तब visitors आपकी नई Post में साथ साथ आपकी पुरानी posts जोकि वह Post से related है। उसकी वजह से आपकी पुरानी Post पर भी traffic बना रहेगा।

3. Internal Linking आपके SEO पर बड़ा असर छोड़ता है

Internal Linking की वजह से आपके Website पर visitor लंबे समय तक रुकते है और उसके साथ वो ज्यादा Posts को Visit भी करते है उसकी वजह से आपके Post की Authority भी बढ़ती है, Internal Links की वजह से visitor को किसी post के related आपकी वेबसाइट में मौजूद पूरी माहिती मिलती है.

जब Search Engine के Bots आपकी website को Crawl करते है तब वो Internal Linking की वजह से पुरानी Posts का Crawling भी फिरसे करते है, उसकी वजह से आपकी Posts के Ranking में बढ़ोतरी होंगी।

Internal Linking करते वक्त इन बातों का ध्यान रखे:

1. Interlinking सिर्फ और सिर्फ related Keyword के साथ ही करे।

2. अगर Possible हो तो अपनी अगली Posts की Links पोस्ट के पहले या दूसरे Paragraph में ही रखे, ताकी उसपे क्लिक होनी की संभावना बढ़ जाये।

3. आपकी Website में मौजूद उस Postके related बाकी Post को भी उस Post में Title के साथ Link करे ताकि visitor को उस Topic की पूरी माहिती मिले।

मैं उम्मीद करता हु की आपको पता चल गया होंगा की Blog में Internal Linking करना कितना जरूरी है, अगर आपका कोई सवाल या सुजब है तो हमे नीचे Comment में जरूर बताएं।

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